घर की रानी या बाहर की गुड़िया? (शारदा और प्रभु की प्रेम कहानी)
(लेखक: वीरेंद्र साहब की जुबानी) आज की जो प्रेम कहानी है, वो एक लव स्टोरी है मालवा के एक छोटे […]
(लेखक: वीरेंद्र साहब की जुबानी) आज की जो प्रेम कहानी है, वो एक लव स्टोरी है मालवा के एक छोटे […]
यह कहानी है एक ऐसे भाई-बहन की, जिनके पास धन तो नहीं था, लेकिन संस्कारों की दौलत बेशुमार थी। रेणुका,
कहते हैं, जीवन की नींव बचपन में ही पड़ जाती है। रौशनी अभी महज 3 साल की ही थी कि
कहते हैं कि औरत की खूबसूरती ही कभी-कभी उसकी सबसे बड़ी दुश्मन बन जाती है, और अगर उस खूबसूरती के
क्या एक-दूसरे से बिल्कुल अलग दुनिया के दो लोग, तकदीर के एक मोड़ पर मिल सकते हैं? क्या शांत कला
क्या प्यार सिर्फ गुलाब और चॉकलेट का नाम है? या फिर प्यार का मतलब इज़्ज़त और भरोसा होता है? मीरा
सुबह के पाँच बजे थे। राजेश, शहर के सबसे कामयाब बिज़नेसमैन, आज मौत के बिस्तर पर थे। उनकी पत्नी प्रिया,
शहर आर्यन को ‘नवाब’ कहता था। लेकिन आर्यन के लिए दुनिया सिर्फ मायरा में सिमटी थी। सात साल का इंतज़ार
मेरा नाम अनन्या है, और जब मेरी शादी विक्रम जी से हुई, तो मुझे लगा जैसे मुझे दुनिया की सारी
मेरा नाम शंकर है, और मैं अपनी प्यारी पत्नी राधा के साथ मुंबई के एक छोटे से किराए के मकान