एक अधूरी रात की गलती: राधा और श्याम की सच्ची प्रेम कहानी
राधा एक ऐसे परिवार से थी जहाँ संस्कार और परंपरा ही सब कुछ थे। उसके पिता एक मेहनती बढ़ई (carpenter) […]
राधा एक ऐसे परिवार से थी जहाँ संस्कार और परंपरा ही सब कुछ थे। उसके पिता एक मेहनती बढ़ई (carpenter) […]
दो दुश्मन राज्यों की सीमा पर हर तरफ सिर्फ आग, खून और मौत की बदबू। ऊपर पहाड़ियों पर बसा विजयनगर
सुबह के पाँच बजे थे। राजेश, शहर के सबसे कामयाब बिज़नेसमैन, आज मौत के बिस्तर पर थे। उनकी पत्नी प्रिया,
मेरा नाम प्रिया है, और मेरी कहानी उन सपनों से शुरू होती है जो मैंने जयपुर की रंगीन गलियों में
मेरा नाम शंकर है, और मैं अपनी प्यारी पत्नी राधा के साथ मुंबई के एक छोटे से किराए के मकान
मेरा नाम आरती है। आज से 11 साल पहले जब मेरी शादी हुई, तो मुझे लगा कि मेरी दुनिया पूरी
नंदिनी, 16 साल की किशोरी, जिसकी खूबसूरती कमल के फूल-सी थी। 5 फीट 2 इंच की ऊंचाई, मस्ती भरी आंखें,
शंकर एक साधारण गांव का लड़का था, जो उत्तर प्रदेश के छोटे से गांव शिवपुर से निकलकर लखनऊ की चकाचौंध
परिचय प्यार और विश्वास के रिश्तों में जितनी ताकत होती है, उतनी ही नाजुक भी होती है ये डोर। आज
शुरुआत: एक अंधेरी रात काली रात थी, आसमान में बादल गरज रहे थे, और बिजली की चमक चारों ओर फैल