सपना की जिंदगी: सिंदूर की आस और जिस्म की भूख
गांव की वो टूटी-फूटी गलियां, जहां राधेश्याम जी और पार्वती बाई सुबह-सुबह मजदूरी के लिए निकल पड़ते। दोनों दिन-रात खटते, […]
गांव की वो टूटी-फूटी गलियां, जहां राधेश्याम जी और पार्वती बाई सुबह-सुबह मजदूरी के लिए निकल पड़ते। दोनों दिन-रात खटते, […]
(लेखक: वीरेंद्र साहब की जुबानी) आज की जो प्रेम कहानी है, वो एक लव स्टोरी है मालवा के एक छोटे
“कहते हैं कि एक सफल पुरुष के पीछे एक महिला का हाथ होता है। पूजा और आदित्य की यह शून्य
अक्सर जवानी के जोश में हम वो फैसले ले लेते हैं जो पूरी जिंदगी का नासूर बन जाते हैं। यह
कहते हैं, जीवन की नींव बचपन में ही पड़ जाती है। रौशनी अभी महज 3 साल की ही थी कि
राधा एक ऐसे परिवार से थी जहाँ संस्कार और परंपरा ही सब कुछ थे। उसके पिता एक मेहनती बढ़ई (carpenter)
कहते हैं कि औरत की खूबसूरती ही कभी-कभी उसकी सबसे बड़ी दुश्मन बन जाती है, और अगर उस खूबसूरती के
क्या एक लड़की की किस्मत सिर्फ ‘प्रथा’ के नाम पर खराब कर देनी चाहिए? विद्या ने समाज की जंजीरें तोड़ीं
अतीत का साया: मल्लाह का बेटा और राजघराने की बेटी बहुत पुरानी बात है। एक नदी किनारे बसे गाँव में
क्या प्यार सिर्फ गुलाब और चॉकलेट का नाम है? या फिर प्यार का मतलब इज़्ज़त और भरोसा होता है? मीरा