औरत का दुख – भाग 5: प्यार और मंजिल
सपने वो नहीं जो टूट जाएं, सपने वो हैं जो मुश्किलों से लड़कर हकीकत बन जाएं। आंचल और अंबिका, दो […]
सपने वो नहीं जो टूट जाएं, सपने वो हैं जो मुश्किलों से लड़कर हकीकत बन जाएं। आंचल और अंबिका, दो […]
जिंदगी में कुछ फैसले दिल को तोड़ देते हैं, और कुछ फैसले नई राहें खोल देते हैं। आंचल और अंबिका,
सपने वो नहीं जो रातों में देखे जाते हैं, सपने वो हैं जो आपको रातों में सोने न दें। आंचल
कभी-कभी सपने वो बोझ बन जाते हैं, जिन्हें ढोने के लिए इंसान को अपने ही अपनों से लड़ना पड़ता है।
💔 सगाई का दिन: खुशियाँ तोड़ देने वाली आंचल की माँ और छोटी बहन अम्बिका, घर पहुँचीं।उनके हाथ में था
प्रिय पाठकों, आज हम एक ऐसे परिवार की कहानी लेकर आए हैं, जो शायद आपके किसी पड़ोस में भी रहता